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What is NEFT? - Digiforum Space

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What is NEFT?

NEFT – (National Electronic Funds Transfer) क्या है और ये कैसे काम करता है ? : एक वक़्त ऐसा था जब हम सिर्फ पैसों की लेन देन हाथों से करते थे यहाँ तक की पैसे की जगह सामान से भी बदल लेते थे ऐसा। इसीलिए क्यूंकि करेंसी का अधिक इस्तेमाल नहीं होता था, लेकिन जब से बैंक का दुनिया में उदय हुआ तब से लोग पैसे को सुरक्षित रखने के लिए इसका इस्तेमाल करने लगे। फिर लोगों के बीच पैसे के लेन देन बढ़ने लगी और अब तो लोगों को बैंक भी नहीं जाना पड़ता है। ऐसा इसीलिए क्यूंकि अब इंटरनेट से बैंक का सारा काम आसानी से हो जाता है। अगर आप इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं तो NEFT के बारे में जरूर सुना होगा. बैंक से जुड़े हर नियम की जानकारी रखना जरुरी है ताकि आपको अपना काम करने में आसानी हो।

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हर आम आदमी बैंक से जुड़ा हुआ है और बैंक से बहुत सारे लाभ उठाता है. कुछ वक़्त पहले लोगों को बैंक से जुड़े काम करने के लिए लम्बी लाइन लगानी पड़ती थी लेकिन आज ऐसा वक़्त है की लोगों को लाइन में खड़े होने की जरुरत नहीं है क्यों की जो काम हम बैंक जाकर करते हैं लगभग कुछ कामों को छोड़ दे तो घर बैठे ही वो काम हम ऑनलाइन बैंकिंग से कर सकते हैं. इससे हमारा काफी समय बच जाता है और परेशानी कम होती है।

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इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल कर के हम अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को घर बैठे ही पैसे भेजते हैं. ऑनलाइन पैसे भेजने के तीन तरीके हैं नेफट, RTGS, और और IMPS. वैसे तो इन सभी तरीकों से हम पैसे भेज सकते हैं लेकिन इन में से आज हम NEFT के बारे में जानकारी लेंगे. NEFT क्या होता है (What is NEFT in Hindi) ये इस पोस्ट में डिटेल में जानेंगे**.** ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने में NEFT हमे काफी मदद करता है और आसानी से हमारे पैसे दोस्तों तक भेजने में सहूलियत देता है. लेकिन NEFT कैसे करता है ये जानना भी जरुरी है. जब हम इसके बारे में जानकारी ले लेंगे तो हमारे पास विकल्प रहेगा की हमारे लिए कौन सा तरीका बेहतर है।

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NEFT क्या है – What is NEFT in Hindi

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NEFT – इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर करने का एक ऐसा तरीका है जिसके माध्यम से किसी भी बैंक का खाताधारक दूसरे बैंक के खाताधारक को पैसे भेजने की सुविधा देता है। NEFT का फुल फॉर्म National Electronic Funds Transfer होता है जिसे हिंदी में राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण भी बोलते हैं और ये रिज़र्व बैंक के अंतर्गत काम करता है। NEFT की शुरुआत नवंबर 2005 में हुआ, जिसका कार्यभार इंस्टिट्यूट फॉर डेवलपमेंट एंड रिसर्च इन बैंकिंग टेक्नोलॉजी (IDBRT) को सौंपा गया। भारत में जितने बैंक एनईएफटी सक्षम हैं उनमे खाताधारक इस सुविधा का इस्तेमाल कर के पैसों का ट्रांसफर बहुत ही आसानी से कर सकते हैं। इसमें इलेक्ट्रॉनिक संदेशों का उपयोग किया जाता है।

RTGS के विपरीत इसमें फण्ड ट्रांसफर रियल टाइम के आधार पर नहीं होता (राशि तुरंत जमा नहीं होता)। NEFT बैंकिंग दिनों में सुबह 8 बजे से शाम 7 :30 बजे के बीच 23 settlement में काम करती है। आधे घंटे के बैच के रूप में इसमें फंड ट्रांसफर किया जाता है। इसे महीने के 1st, 3rd और 5th शनिवार के बीच किया जाता है। अगर इस समय के बाहर किसी समय में कोई फण्ड ट्रांसफर शुरू किया जाता है तो उस वक़्त ट्रांसफर तो नहीं होगा लेकिन अगले ओपनिंग सेटलमेंट समय में ये फंड ट्रांसफर कम्पलीट होता है। महीने के दूसरे और चौथे शनिवार के अलावा रविवार और त्योहारों के दिनों में फंड ट्रांसफर नहीं किया जाता है।

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NEFT की सुविधा पुरे देश में 101 बैंकों के 82500 शाखाओं में से 74600 शाखाओं में अवेलेबल है। इसके अलावा जो बैंक NEFT enabled हैं उन में ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से उनके वेबसाइट में ये सेवा काम करती है। इस सेवा काफी अधिक लोकप्रियता हासिल की है इसका मुख्य कारण है की ये समय की बचत करती है और इसमें फंड ट्रांसफर करना आसान है। इस बात का सबूत ये है की 2008 में जितने में इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर किये गए थे उन में से 42 % NEFT द्वारा की गयी थी।

NEFT कैसे काम करता है?

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मैं यहाँ आपको NEFT द्वारा होनेवाले फंड ट्रांसफर के बारे step by step बताने जा रहा हूँ जिससे आप भी इसके वर्किंग प्रोसेसस को आसानी से समझ जायेंगे –

  1. NEFT की सुविधा 2 तरीकों से दी जाती है जिसमे से पहली है ऑनलाइन और दूसरी है ऑफलाइन। ऑफलाइन की बात करे तो कुछ बैंक ऐसे हैं जो NEFT की सुविधा ATM के द्वारा भी देते हैं। ऑनलाइन सुविधा के लिए कस्टमर को अपने अकाउंट में ऑनलाइन बैंकिंग activate करना होता है इसके लिए उसे beneficiary detail देने होते हैं जैसे Name, Address, Bank name, Branch name, IFSC Code, Account type, Account Number।
  2. अब कस्टमर द्वारा दिए गए जानकारी को बैंक मैसेज के रूप में तैयार कर के pooling centre भेजता है जिसे NEFT सर्विस सेंटर भी बोला जाता है।
  3. सके बाद pooling सेंटर उस मैसेज को NEFT clearing सेंटर भेजता है जिससे की उसे अगले उपलब्ध बैच के लिए शामिल किया जाये। इसे नेशनल क्लीयरिंग सेल, भारतीय रिज़र्व बैंक मुंबई चलाती है।
  4. क्लीयरिंग सेंटर destination बैंक के अनुसार सभी फंड्स को छांटता है उसके बाद सभी originating बैंक से fund receive कर के destination बैंक को भेजने के लिए receiving entries को तैयार करता है। फिर pooling सेंटर के द्वारा एक एक कर के destination बैंक को message को forward किया जाता है।
  5. इसके बाद सभी destination बैंक क्लीयरिंग सेंटर से मैसेज रिसीव करता है और पैसे को beneficiary के अकाउंट में क्रेडिट कर देता है।

NEFT fund transfer करने का तरीका

हमने ये पहले ही जाना की NEFT में फंड ट्रांसफर करने का 2 तरीका है जिसमे से एक ऑनलाइन और दूसरा ऑफलाइन है। चलिए एक एक कर के दोनों तरीकों के बारे में जानते हैं द्वारा फंड ट्रांसफर कैसे किया जाता है।

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Online Method

  1. NEFT द्वारा फंड ट्रांसफर करने के लिए इंटरनेट बैंकिंग का active होना जरुरी है। अगर आपके पास इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा नहीं है तो आप बैंक जाकर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन फंड ट्रांसफर करने के लिए सबसे पहले हमे अपने बक की वेबसाइट में लॉगिन करना है।
  2. इसके बाद बारी आती है की आप किस beneficiay को फंड ट्रांसफर करना चाहते उसके अकाउंट को add करना। तो आपको अपने अकाउंट में Add Payee – Add New Beneficiary में जाकर अपने दोस्त या रिश्तेदार के अकाउंट को add करना है। अकाउंट add करने पर आपको 30 minutes तक इंतज़ार करना पड़ता है. नया अकाउंट add करने के लिए आपको कुछ जरुरी डिटेल्स की जरुरत पड़ेगी जो मैं आपको यहाँ बता रहा हूँ। Bank Name, Account Number, Name, IFSC Code, Branch Name इत्यादि।
  3. Add new Payee द्वारा नया beneficiary account जोड़ लेने के बाद थोड़ी देर इंतज़ार करने के बाद अकाउंट approve हो जाता है। अब आपको Fund Transfer में जाना है।
  4. Fund Transfer में जाकर आपको Payee को select करना है और Transfer type चुनना है। Transfer methods में आपको RTGS, NEFT और IMPS के ऑप्शन मिलेंगे आपको इन में से बस NEFT select करना है।
  5. इसके बाद बस आपको अपना amount डालना है और Pay में क्लिक करना है। आपका पैसा आपके नए beneficiary को मिल जाएगी।

Offline Method

अगर आप के पास इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा नहीं है तो आप ऑफलाइन भी NEFT द्वारा फंड ट्रांसफर कर सकते हैं।

  1. ऑफलाइन NEFT फंड ट्रांसफर करने के लिए आपको अपने ब्रांच में जाना होगा।
  2. आप जिसे फंड ट्रांसफर करना चाहते हैं उसका नाम, बैंक, ब्रांच का नाम, IFSC code, Account type और account number जैसी details बैंक को देनी होगी।
  3. इसके बाद जितना भी राशि भेजना उस राशि को बताना पड़ता है।
  4. फिर आपको अपने branch वाले बैंक को ये अधिकार देते हैं की वो आपके अकाउंट से उस राशि को debit करे और उस फंड को भेज सके।
  5. इसके बाद सभी जानकारी को फॉर्म में भरकर बैंक आगे का प्रोसेस पूरा कर के fund को beneficiary के अकाउंट में भेज देती है।

NEFT Timings

यदि NEFT के माध्यम से पैसे ट्रांसफर करना चाहते है, तो आप इस बात से जरूर अवगत होंगे की NEFT की एक निश्चित Timing है, जो RBI द्वारा निश्चित किया गया है।

RBI ने 2019 को NEFT का Timing 24×7 कर दिया है। मतलब, अभी आप कभी भी और बैंक छुट्टियों के दिन भी पैसा ट्रांसफर कर सकते है।

  • जैसे ही आप NEFT के लिए रिक्वेस्ट लगाते है, आपका ट्रांसक्शन एक कतार में लग जाता है।
  • 24 घंटे में 48 batches में पैसा ट्रांसफर होता है। पहिला बैच का सेटलमेंट 00:30 बजे होता है और अंतिम बैच का सेटलमेंट 00:00 बजे होता है। मतलब हर आधे घंटे में एक बैच का सेट्लमेंट होता है।
  • NEFT बैंक छुट्टी  में उपलब्ध रहता है।

यह भी पढ़े : ६ दिसंबर २०१९ से (एनइएफटी) २४x७ बेसिस पे चालू रहेगा।

NEFT Transaction Charge

आपको ये जानकारी अवश्य जानना चाहिए क्यों की जब भी आप NEFT द्वारा पैसा भेजते हैं तो अलग अलग राशि के अनुसार आपको कुछ fees चार्ज के रूपमे देना पड़ता है। ये चार्ज आपके द्वारा भेजे जाने वाले beneficiary कोनहि देना होता लेकिन जो भेजने वाला sender होता है उसे इस राशि का भुगतान करना पड़ता है। NEFT transaction के लिए क्या चार्ज देना होता है चलिए इसे जान लेते हैं।

Transaction Charges
NEFT Fees
Amounts Rs.10000 के लिए
Rs. 2.50 + Applicable GST
Amounts Rs. 10,000 से लेकर Rs 1 लाख तक
Rs. 5 + Applicable GST
Amounts Rs, 1 लाख से Rs. 2 लाख तक
Rs.15 + Applicable GST
Amounts Rs 2 लाख से Rs. 5 लाख तक
Rs. 25 + Applicable GST
Amount Rs 5 लाख से 10 लाख तक
Rs 25 + Applicable GST

ये चार्जेज फिक्स नहीं होते और ये वक़्त के साथ बदलते रहते हैं। इसीलिए आप जिस भी ब्रांच से NEFT tranaction करना चाहते हैं उसके बारे में चार्जेज पता कर लें।

NEFT के लाभ – Benefit of NEFT in Hindi

  1. Safe and Effective : ये ऑनलाइन फंड ट्रांसफर करने का बहुत ही आसान और सुरक्षित तरीका है। इसमें आप किसी भी amount को कम समय में अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को भेज सकते हैं।
  2. Low Processing Charges : Internet बैंकिंग या NEFT द्वारा किया जाने वाला transaction काफी सुविधा देता है। इसमें flexible payment ऑप्शन दिए जाते हैं जो काफी किफायती होती है। इस सुविधा का उपयोग करने के लिए आपको अधिक पैसे खर्च करने की जरुरत नहीं पड़ती। इसकी प्रोसेसिंग चार्ज काफी कम होती है और इसके द्वारा आप fund ट्रांसफर काफी आसानी से क्र सकते हैं।
  3. Rapid Settlement : अगर दूसरे transaction तरीकों की बात करें तो NEFT से ट्रांसफर काफी तेज़ गति से होता है। इस में account settlement भी काफी तेज़ी से होता है और इसकी वजह से बिज़नेस से जुड़े हर काम आसानी से ुरे किये जा सकते हैं.
  4. Higly Dependable : NEFT इंटरनेट बैंकिंग में इस्तेमाल होने वाला एक बहुत ही प्रमुख सुविधा है जो लोगों के बीच काफी पॉपुलर हुआ. इससे बैंक पेमेंट और ऑनलाइन फंड ट्रांसफर यानि भेजना और रिसीव करना काफी आसान हो गया. भारत के सभी बैंक RBI द्वारा संचालित नियमों का पालन करती हैं और इसीलिए ये काफी सुरक्षित माना जाता है.

NEFT के नुक्सान – Disadvantages of NEFT in Hindi

  1. Highly technical : इस तरह की सुविधा की सबसे बड़ी बात ये है की इसका इस्तेमाल करने के लिए कंप्यूटर और इंटरनेट इस्तेमाल करने का ज्ञान होना जरुरी है। यही इस सुविधा के इस्तेमाल में सबसे बड़ी disadvantage है। हमारे देश में अधिकतर लोग ऐसे हैं जो educated नहीं हैं और बहुत से educated तो हैं लेकिन उन्हें कंप्यूटर और इंटरनेट का ज्ञान नहीं है। इसी वजह से NEFT का प्रयोग करना सबके लिए संभव नहीं है।
  2. The Risk and Fear of Online Payment : वैसे तो अब ऑनलाइन फंड ट्रांसफर को बहुत अधिक सिक्योर और सुरक्षित किया जा चूका है लेकिन जब ये सुविधा आयी थी उस वक़्त इंटरनेट में एंटी सुरक्षा नहीं थी और ऑनलाइन बैंकिंग करने वाले लोगों के मन में ये डर था की कोई उनके अकाउंट को एक्सेस न कर ले।
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Rajesh Sharma

Chief Platform Administrator & Regulatory Compliance Officer for Retail Banking Forum.

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